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मृदा क्या होता हैं (what is soil ) what is soil and how many types of soil

  • प्रकृति द्वारा प्रदत्त सर्वोतम उपहारों मेन मृदा मनुष्य जीवन के लिए अमूल्य है । आज भी कृषि मनुष्य का सबसे महत्वपूर्ण व्यवसाय है और मृदा कृषि कार्य को निर्धारित करती है । मृदा के अध्यन को मृदा विज्ञान (Pedology) कहते हैं
  • पृथ्वी के सबसे ऊपरी सतह पर माध्यम ,मोटे और कुछ कार्बनिक तथा अकार्बनिक मिश्रित कणों को मृदा कहते हैं । दूसरे शब्द के यह कह सकते हैं की पृथ्वी की ऊपरी सतह के कणों को ही (Soil) मृदा कहते हैं ।
  • मृदा का निर्माण  चट्टानों को टूटने फूटने से होता हैं ।
  • मिट्टियों के रंग भिन्न भिन्न होते हैं । कुछ मिट्टियाँ सफ़ेद होती है कुछ काली,कुछ भूरी ,कुछ राख के रंग की होती हैं ये सभी रंग जलवायु का प्रभाव के कारण होता हैं ।

मृदा के प्रकार what are the types of soil

भारत की मिट्टियाँ मुख्य रूप से पाँच वर्गों में विभाजित की गई हैं

1. जलोढ़ मिट्टी

2. काली मिट्टी

3. लाल मिट्टी

4. लैटराइट मिट्टी

5. मरु मिट्टी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने भारत की मिट्टी को आठ समूहों में बांटा हैं –

1. जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil)

2. काली मिट्टी (Black Soil)

3. लाल या पीलीमिट्टी (Red Soil)

4. लैटराइट मिट्टी (Laterite)

5. शुष्क मिट्टी (Arid Soils)

6. लवण मिट्टी (Saline Soils)

7. जैव मृदा (Organic Soils)

8. वन मृदा (Forest Soils)

1. जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil)

  • भारत के क्षेतफल के दृष्टिकोण से यह मिट्टी सबसे अधिक पाया जाता हैं ।
  • भारत में कूल क्षेत्रफल का 43.70% यह मिट्टी पाया जाता हैं। 
  • इस मिट्टी में नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की मात्रा कम होती हैं ।
  • इस मिट्टी में पोटाश एवं चुना की पर्याप्त मात्रा होती हैं। 
  • यह मिट्टी गेहूं के फसल के लिए उत्तम माना जाता हैं ।
  • इसके साथ साथ इस मिट्टी से धान एवं आलू के लिए भी उत्तम माना जाता हैं ।
  • इस मिट्टी का निर्माण बालुई मिट्टी एवं चिकनी मिट्टी से हुई हैं ।
  • इस मिट्टी का रंग हल्के धूसर रंग का होता हैं ।

2. काली मिट्टी (Black Soil) :-

  • भारत में क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से इस मिट्टी का स्थान दूसरा हैं
  • यह मिट्टी भारत में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र एवं गुजरात में पाया जाता हैं ।
  • इस मिट्टी का निर्माण ज्वालामुखी के उद्गार के कारण बैसाल्ट चट्टान के निर्माण से होता  हैं ।
  • भारत में इस मिट्टी को “केवाल” के नाम से जाना जाता हैं ।
  • इस मिट्टी में नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की मात्रा कम होती हैं ।
  • इस मिट्टी में लोहा,चुना,मौग्निशियम ,एलुमिना एवं पोटाश की मात्रा अधिक होती हैं ।
  • इस मिट्टी में कपास,चावल,मसूर,चना,खेसड़ी की उत्पादन अच्छी मानी जाती हैं ।
  • इस मिट्टी में लोहे की मात्र अधिक होने के कारण इसका रंग काला होता हैं।  
  • काली मिट्टी में जल जल्दी नहीं सूखता है।  

3. लाल या पीली मिट्टी (Red Soil)

  • भारत के क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से यह मिट्टी का तीसरा स्थान हैं।
  • इस मिट्टी का निर्माण ग्रेनाइट चट्टान के टूटने से होता है।
  • इस मिट्टी के नीचे अधिकांश खनिज मिलते पाया जाता है ।
  • लाल मिट्टी में नाइट्रोजन एवं फास्फोरस की मात्रा कम होती हैं।
  • यह मिट्टी तमिलनाडू ,छतीसगढ़,झारखंड,मध्यप्रदेश,एवं उड़ीसा पाया जाता हैं।
  • आयरन आक्साइड (Fe2O3) के कारण इसका रंग लाल होता हैं।
  • इस मिट्टी से ज्यादा मोटे अनाज का उत्पादन होता हैं जैसे :- ज्वार,बाजरा,मुगफली,अरहर,मकई,इत्यादि होते हैं।
  • अधिक वर्षा होते के कारण लाल मिट्टी से रासायनिक तत्व अलग हो जाते है,जिसमें उस मिट्टी का रंग पीला मिट्टी दिखाई देने लगता हैं।

4. लैटराइट मिट्टी (Laterite) :-

  • भारत के क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से यह मिट्टी का चौथा स्थान हैं।
  • भारत में यह मिट्टी 1.26 लाख वर्ग किमी क्ष्रेत्र तक फैला हुआ है।
  • इस मिट्टी में लौह आक्साइड एवं अल्युमीनियम आक्साइड की मात्रा अधिक होता हैं। 
  • साथ साथ इस मिट्टी में नाइट्रोजन,फास्फोरस,पोटाश,चुना,एवं कार्बनिक तत्वों की कम पाई जाती हैं।
  • इस मिट्टी से चाय,काजू एवं काफ़्फ़ी फसल अच्छी होती हैं ।
  • यह मिट्टी भारत में असम,कर्नाटक एवं तमिलनाडू जैसे राज्य अधिक मात्रा में पाया जाता हैं ।
  • यह मिट्टी पहाड़ी एवं पठारी क्ष्रेत्र में पाये जाते हैं ।

5. शुष्क मिट्टी (Arid Soils)

  • इस मिट्टी में घुलनशील लवण एवं फास्फोरस की मात्रा अधिक पाई जाती है।
  • इस मिट्टी में नाइट्रोजन एवं कार्बनिक तत्व की मात्रा कम होती हैं।
  • यह मिट्टी तेलहन केसाथ साथ ज्वार बाजरा एवं रागी उत्पादन के लिए अच्छी मनी जाती हैं ।

जल कितना मिट्टी में होता हैं

जल का बहुत बड़ा महत्व हैं यह जल चार प्रकार का होता हैं

1.आद्रार्तावशोषी जल (Hygroscopic) :- आद्रार्तावशोषी जल (Hygroscopic) मिट्टी के कणों में आकर्षण द्वारा मिला रहता है इसे हटाना कठिन है ।

2. अंत:शोषित जल (Imbibitional):- अंत:शोषित जल (Imbibitional) मिट्टी में स्थित कोशिकाओ द्वारा अवशोषित होकर रहता है ।

3. केशिका जल (Capillary):- केशिका जल (Capillary) पौधों को प्राप्त होता हैं

4.गुरुत्वीय जल(Gravitational) ;- वह यह है जो नालियों के भर जाने के बाद जमा हो जाता है। यह जल बहाव द्वारा बाहर निकाल जाता हैं ।

मृदा अपरदन

मिट्टी के कटाव या बहाव को मृदा अपरदन कहते हैं। पानी और हवा तथा जीव जन्तुओ या मनुष्य के कारण मृदा की ऊपरी सतह हट जाती है

मृदा अपरदन के मुख्य दो रूप निम्न हैं –

1.परत अपरदन :- जब मृदा की क्षैतिज परतें तेज हवा या भरी वर्षा द्वारा उड़ाकर या बहाकर ले जाती हैं इसे परत अपरदन कहते हैं । इससे मृदा का उपजाऊ पैन कम होता जाता हैं ।

2. अवनालिका अपरदन :- जब मृदा की लम्बवत परतें तेज हवा या भारी वर्षा द्वारा उड़ाकर या बहाकर ले जायी जाती है इसे अवनलिका अपरदन कहते हैं ।

मृदा अपरदन के कारण

मृदा अपरदन के मुख्यत: निम्नलिखित कारक हैं जिसे निम्न प्रकार समझा जा सकता हैं  ।

आत्यधिक वर्षा , पशुचारण , खनन ,तेज हवा या आँधी , वनों का कटाव

मृदा अपरदन के कारण
मृदा अपरदन के कारण

मृदा संरक्षण

मृदा संरक्षण एक विधि है जिसमें मृदा की उर्वरकता बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय किए जाते है। मृदा के अपरदन को रोका जाता हैं और मृदा निम्नीकरण की दशाओं में सुधार किया जाता हैं ।

मृदा संरक्षण के विधियाँ

1. वृक्षारोपण व घास रोपण

2. नियंत्रिन पशुचारण

3. समोच्च रेखीय जुताई

4. मेडबंदी  करना

5.नदियों पर बांधों का निर्माण

6.फसल आवर्तन

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किसी देश की कृषि का मुख्य आधार क्या होता है ?

उस देश का मिट्टी

भारत में कितने प्रकार की मिट्टी पाई जाती हैं ?

8

भारत की सबसे महत्वपूर्ण मिट्टी कौन-सी हैं ?

जलोढ़ मिट्टी

किस मिट्टी में पोटाश की मात्रा सबसे अधिक होती हैं ?

जलोढ़ मिट्टी

काली मिट्टी का दूसरा नाम क्या हैं ?

रेगुर मिट्टी

लाल मिट्टी का लाल रंग किसके कारण होता हैं ?

लौह आक्साइड के कारण

किस मिट्टी में आयरन व सिलिका सबसे अधिक पाया जाता हैं ?

लौटराइट मिट्टी

भारत में लाल मिट्टी का विस्तार सबसे अधिक कहाँ हैं ?

आंध्र प्रदेश व तमिलनाडू

धान की खेती के लिए कौन-सी उपयुक्त होती हैं ?

दोमट मिट्टी

मृदा अपरदन को कैसे रोका जा सकता हैं ?

वन रोपण द्वारा

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने मिट्टी को कितने वर्गो में बंता हैं ?

8 वर्गों में

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