यूरोपियों का आगमन | European arrival in India
यूरोपियों का आगमन | European arrival in India

यूरोपियों का आगमन | European arrival in India

  • Post author:
  • Reading time:1 mins read

Table of Contents

यूरोपियों का आगमन | European arrival in India

यूरोपियों का भारत आगमन | European arrival in India | Hello Everyone Welcome To Our Websites “getintohindi.com”
Modern History For SSC, RAILWAY, BANK, PCS,POLICE EXAMS , UPSC. History, GK in Hindi with Explanation.
Modern History GK in Hindi. यूरोपियों का भारत आगमन | European arrival in India More go pdf in Hindi download here.

पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कंपनी1498 ई॰
अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी 1600 ई॰
डच ईस्ट इंडिया कंपनी 1602 ई॰
डैनिश ईस्ट इंडिया कंपनी 1616 ई॰
फ्रासीसी ईस्ट इंडिया कंपनी 1664 ई॰
स्वीडिश ईस्ट इंडिया कंपनी 1731 ई॰
यूरोपियों का आगमन | European arrival in India

यूरोपीय व्यापारी का भारत आगमन  क्रम :-  पुर्तगाली  , डच , ब्रिटिश, डेनिश ,  फ्रांसीसी ,  स्वीडिश 

पुर्तगाली

Refraction of light 14
European arrival in India
  • नए समुद्री मार्गों को खोज के दौरान वास्को-डी-गामा  ने यूरोप से भारत के लिए समुंदरी मार्ग,केप मार्ग की खोज की,वह 17 मई 1498 को कालीकट के बन्दरगाह पर पाहुचा और कालीकट के हिन्दू शासक ने स्वागत किया इसके बाद कालीकट,कोचीन और कन्नूर मेन व्यपरिक केंद्र स्थापित किए,भारत मेन , प्रारंभ मेन कोचीन पुर्तगालियों की राजधानी थी लेकिन बाद में यह गोआ स्थानांतरित कर दी गई
  • अल्फान्सों-डी-अल्बूकर्क :- 1503 ई॰ में भारत आया था और 1509 में इसे पुर्तगालियों का गवर्नर नियुक्त कर दिया गया इसने 1510 में बीजापुर से गोवा छिन लिया
  • निनों-डी-कुन्हा (1529-38) – इसने अपनी राजधानी कोचीन से गोवा (1530) हस्तांतरित की और गुजरात के बहादुर शाह से दीव और बसींन अपने अधिकार में ले लिय
  • मार्टिन अल्फ़ान्सो-डी-सूजा(1542-45):- प्रसिद्ध जुसुइट संत फ्रांसिस्को ज़ेवियर इसके साथ भारत आया था । इसके बाद पुर्तगाल शासन का पतन प्रारंभ हो गया और अंत में केवल गोवा,दमन और दीव 1961 तक इनके पास रहा ।
  • पुर्तगालियों ने  भारत में प्रिंटिंग प्रेस( छपाई) का प्रारंभ किया। 
  •  अल्बूकर्क  को भारत में पुर्तगीज शक्ति का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। 

डच :-

  • मार्च 1602 ई॰ में डच संसद के एक आदेश द्वारा डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई । इस कंपनी को 21 वर्षों के लिए पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने,संधियाँ करने,आक्रमण करने और विजय करने का अधिकार प्राप्त हुआ ।
  • फैक्ट्रियों की स्थापना
  • मसूलिपट्टनम(1605),पुलिकट (1610),सूरत(1616),विमलिपट्टनम(1641),कारिकल(1645),चिनसुरा(1653)कासिमबाजार , कोचीन (1653) में कारखाने/फैक्ट्रियों स्थापित की
  • भारत सहित पूर्व के साथ यूरोपीय व्यापार की सबसे प्रमुख शक्ति पुर्तगालियों की जगह डचो ने ले ली ।
  • 1690 तक इसका मुख्य केंद्र पुलिकट रहा जिसकी जगह बाद में नेगपट्टनम ने ली
  • बेदार के युद् (1759)में अंग्रेजों से डचो की हार से डचो ने भारत में अंग्रेजों की प्रधानता मान ली ।
  •  डच फैक्ट्रियों के प्रमुख जिन्हें फैक्टर कहा जाता था, 

अंग्रेज़   

  • भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापार स्थापना से पूर्व,
  • 1)भारतीय व्यापारियों से व्यापार के उद्देश्य से थल मार्ग से 1599 ई॰ में जान मिल्डेनहाल भारत आने वाला पहला अंग्रेज़ था
  • “इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से विख्यात इस कंपनी की स्थापना मर्चत एडवेंचर्स नाम के व्यापारियों के समूह ने 1599 में की थी और 1600 ई॰ में रानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा इसे पूर्वी देशों में व्यापार के अधिकार दिए
  • सूरत में फैक्ट्री खोलने के निर्णय (1608) की पूर्ति के लिय,कैप्टन हाकिंस जहाँगीर की अनुमति प्राप्त करने के लिए उसके दरबार में पहुचा(1609 ई॰ ) जहाँगीर ने सूरत में फैक्ट्री बनाने का फरमान जारी केआर दिया (1613 ई ॰ )
  • सर टंमस रो,मुगल साम्राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में  फैक्ट्रिया खोलने और व्यापार करने के लिए अनुमति प्राप्त करने हेतु,1615 ई॰ में जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में जहाँगीर के दरबार में पहुचा।

डेनिश     

  • एक ईस्ट इडिया कंपनी की स्थापना कर 1616 ई॰ में डेन भारत में आए उन्होने त्रौकोबार(तमिलनाडू)में 1620 में सेरामपुर(बंगाल) में 1676 ई में व्यापारिक केंद्र स्थापित किए
  • 1854 ई॰ में ज़ोर जबरदस्ती के कारण उन्होने सभी फैक्ट्रियाँ अंग्रेज़ो को बेच दी ।

फ्रासीसी

  • 1664 ई॰ में कालबर्ट द्वारा फ्रेच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना की गई प्रथम फ्रेंच फैक्ट्री फ्रांसिस कैरन द्वारा 1664 में सूरत में स्थापित हुई मसुलीपत्तम में 1669 में फैक्ट्री लगाई गई ।
  • भारत में फ्रेच शक्ति को 1720 से 1742 के बीच लेनोइर और डुमास के नेतृत्त्व में मजबूती मिली। उन्होने मालाबार में महें कोरोमंडल के यनम और तमिलनाडू के कारिकल (1739) पर अधिकार केआर लिया
  • 1742 में भारत में फ्रांसीसी गवर्नर के रूप में डुप्लेक्स के आगमन से आंग्ल-फ्रेंच संघर्ष(कर्नाटक युद्ध ) देखने को मिला जिसका परिणाम भारत में फ्रांसीसी की हार हुआ ।    

यूरोपियों का आगमन | European arrival in India यूरोपियों का आगमन | European arrival in India

Also Read what is soil and how many types of soil

Also Read gs trick in hindi pdf download

Also Read Connective tissue | Muscular tissue

Also Read List of rivers of India | भारत की नदियों की सूची

Also Read Human Eye | मानव नेत्र | Class 10

Also Read Refraction of light in Hindi |प्रकाश का अपवर्तन

1. वह पुर्तगाली कौन था जिसने गोआ पर अधिकार किया था ?

अलफासो डी अल्बुकर्क

2. भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला गवर्नर जनरल कौन था ?

वारेन हेस्टिंग्स

3. किस यूरोपीय ने भारत में सबसे पहले अपना व्यापार फैलाया और प्रभावित किया ?

पुर्तगाली

4. वर्ष 1498 ई॰ में वास्को-डी-गामा भारत में कहाँ उतरा था ?

कालीकट

5. वास्को-डी-गामा कहाँ का रहनेवाला था ?

पुर्तगाल

6. वह अंग्रेज़ जिसने सम्राट जहगीर के दरबार में आकार भेंट की थी ?

सर टामस रो

7. गोवा,दमन,और दीव का अपनिवेशिकरण मूलतः किया गया था ?

पुर्तगालियों द्वारा

8. अलबुकर्क ने गोवा को 1510 में किससे छिना था ?

बीजापुर के सुल्तान से

9. भारत तक समुद्री मार्ग की खोज की गई थी

पुर्तगालियों द्वारा

10. ब्रिटीशो ने भारत में सूरत में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित करने की अनुमति किससे प्राप्त की थी ?

जहाँगीर से

This Post Has One Comment

Leave a Reply

Vivek

This is Er. Vivek at getintohindi.com, he is writes about Technology,education he is qualify IBPS RRB 2019, BOB 2019